#काशी विश्रवनाथ मंदिर @इतिहास से वर्तमान तक छवि

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Thetimesofcapital/12/12/2021/#काशी विश्रवनाथ मंदिर @इतिहास से वर्तमान तक “Kashi Vishwanath Temple History to Present”
#Kashi Vishwanath Temple कितना बदल गया काशी विश्वनाथ मंदिर का पूरा नया नक्शा .

#काशी विश्रवनाथ मंदिर हमेशा से काशी विश्वनाथ की उपेक्षा के पश्चात आज वो दिन आ ही गया जब सूरत बदल गयी इस तीर्थ नगरी को आज हर कोई देखना चाहता है. दर्शन करना चाहता है। काशी विश्‍वनाथ धाम की सूरत बदल गई है। अब गंगा किनारे वाराणसी के पुराने घाटों से सीधे बाबा विश्‍वनाथ तक पहुंचा जा सकेगा। सात तरह के पत्‍थरों से विश्‍वनाथ धाम को सजाया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालु रुद्र वन यानी रुद्राक्ष के पेड़ों के बीच से होकर बाबा विश्‍वनाथ का दर्शन करने पहुंचेंगे। @काशी विश्‍वनाथ धाम #कॉरिडोर 50 हजार वर्गमीटर में बना है।

इसे रेकॉर्ड 21 महीनों में तैयार किया गया है। निर्माण पर 700 करोड़ रुपये खर्च हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमवार दोपहर काशी विश्‍वनाथ धाम #कॉरिडोर का लोकार्पण करेंगे।

विश्‍वनाथ धाम @लोकार्पण उत्‍सव का देश में 51 हजार स्‍थानों पर @लाइव प्रसारण किया जाएगा

the beauty of the temple
Temple ji’s chowk is 52 meters above Ganga ji.

मंदिर की सुंदरता, मंदिर जी का चौक गंगा जी से 52 मीटर ऊपर है।

मंदिर की सुंदरता, मंदिर जी का चौक गंगा जी से 52 मीटर ऊपर है।

क्या है #काशी विश्रवनाथ मंदिर की खाशियत, लागत, इसमें लगने वाला समय विस्तृत जानकारी?
गंगा जी से 52 मिटर उपर है मंदिर जी का चौक.

मंदिर की खाशियत
345 करोड़ की लागत से हुआ काशी विश्‍वनाथ धाम का निर्माण,
339 करोड़ की लागत से धाम के लिए खरीदे गए, 300 भवन
5.3 लाख वर्ग फुट में बना है , विश्‍वनाथ धाम
विश्‍वनाथ मंदिर से गंगा तट का 400 मीटर में बना है, धाम
30 फीसदी क्षेत्र में बने हैं 24 भवन, शेष खुला या हरियाली को समर्पित,
5.43 करोड़ रुपये से हाईटेक सुरक्षा व्‍यवस्‍था,
इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से नियंत्रण,
मंदिर व आसपास चार स्‍तरीय सुरक्षा व्‍यवस्‍था,
एयर सर्विलांस सिस्‍टम से आकाश में निगरानी,
चुनार के बलुआ पत्‍थर के अलावा सात प्रकार के लगे हैं पत्‍थर
मकराना के दूधिया मार्बल से फ्लोरिंग,
जैसलमेर का, मंडाना स्‍टोन, घाट किनारे सीढि़यों पर
वैदिक केंद्र, संग्रहालय व खास भवनों में ग्रेनाइट और कोटा,
भूकंप और भूस्‍खलन से बचाने को पत्‍थरों को जोड़ा गया है पीतल की प्‍लेटों से.
18 इंच लंबी तथा 600 ग्राम वजन की पीतल प्‍लेटों को कसने के लिए 12 इंच की गुल्‍ली.
पीतल और पत्‍थरों के बीच की जगह भरने को केमिकल लेपाक्‍स अल्‍ट्रा फिक्‍स का इस्‍तेमाल,

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